आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट सहित सभी न्यायालयों में वन बार वन वोट का सिद्धांत लागू हो गया है। इसके लिए हिमाचल बार काउंसिल के सचिव की ओर से राज्य की सभी बार एसोसिएशन के प्रधानों को अनुपालना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। हाईकोर्ट में इस मामले में एक जनहित याचिका सीडब्ल्यूपीआईएल 48/ 2024 दायर की गई थी, जिसमें वन बार वन वोट के सिद्धांत को लागू करने को कहा गया था।न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को निर्देश दिए थे कि छह सप्ताह के भीतर राज्य की सभी बार एसोसिएशनों को एक बार एक वोट सिद्धांत का सख्ती से पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन बनाम बीडी कौशिक मामले में निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि, अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके लिए अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में कोई परिवर्तन या संशोधन किया जाता है तो बार काउंसिल को कानून के अनुसार इसमें निर्देश लेने का अधिकार होगा। उल्लेखनीय है कि इस फैसले से पहले हिमाचल प्रदेश में अधिवक्ता जिस-जिस बार का सदस्य होता था, वहां पर वह अपना वोट डाल सकता था, लेकिन अदालत के इस आदेश के बाद अब अधिवक्ता केवल एक ही बार में अपने मत का प्रयोग कर सकता है। जबकि वह सदस्यता किसी भी बार की ले सकता है।


