आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल टांडा मेें मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को यहां भर्ती मरीजों या हर दिन पहुंचने वाले मरीजों की देखभाल से ज्यादा छुट्टियों पर ध्यान रहता है। शुक्रवार का यहां बड़ा रोचक मामला सामाने आया जो यहां के स्टाफ की संवदेनशीलता और कत्र्तव्यपरायणता को भी दर्शाता है जैसे पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के निधन पर राजकीय शोक के साथ दो दिन के अवकाश की घोषणा हुई, सभी ने अपने-अपने बैग उठाए और घर की तरफ निकल पड़े।पर्ची काउंटर भरा पड़ा था, ओपीडी के बाहर लंबी कतारें थी पर इन्हें तो किसी न किसी बहाने छुट्टी मिली थी और इसके लिए यह भी नहीं सोचा कि शुक्रवार से रविवार यानी तीन दिन तक कोई भी मेडिकल कालेज लगातार बंद नहीं रह सकता। इस दौरान एक घंटे पर्ची काउंटर बंद रहा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के निधन पर प्रदेश में दो दिन के अवकाश के बाबजूद टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल में शुक्रवार को एक घंटा ओपीडी बाधित रहने के बाद पूरा दिन ओपीडी सुचारू चली। एचडीएम
मरीज मायूस होकर लौटे घर
जब छुट्टी की सूचना टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल को मिली तो नो बजे पर्ची बनाने के बाद दस बजे पर्चियां बनाना बंद कर दिया गया, जिसके कारण लाइनों में लगे दूरदराज से आए मरीजों ने एतराज जताया, लगभग एक घंटा पर्चियां नहीं बनी और कुछ मरीज घर वापस लौट गए। कुछ मरीज जिन्होंने टेस्ट करवाने थे बिल न कट पाने के कारण दूरदराज से आने के बाबजूद लौटने को मजबूर हो गए।
सोमवार तक करना पड़ेगा इतंजार
राजकीय छुट्टी होने के चलते शनिवार और रविवार को मरीजों को अस्पताल में फिर सुविधा नहीं मिल पाएगी। इसके लिए मरीजों को अब सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।
पीडि़तों के बोल
दूर से आए मरीजों का कहना था कि पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के निधन का हमें भी दुख है परंतु छुट्टी की नोटिफिकेशन सुबह जल्दी होनी चाहिए थी। टांडा मेडिकल कालेज से आधे डाक्टर अवकाश पर चले गए हैं और ऊपर से 14 मेडिकल ऑफिसर डाक्टरों के तबादले कर दिए गए हैं जिसके चलते टांडा अस्पताल में डाक्टरों की भारी कमी चल रही है।
निर्देशों के बाद मिली राहत
स्थति को भांपते हुए कालेज प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा ने तुरंत डाक्टरों सहित स्टाफ को ओपीडी को सुचारू चलाने के सख्त निर्देश जारी किए, तब जाकर मरीजों को राहत मिली।


