हिमाचल HC से राहत नहीं, उद्योगों की 1 रुपये बिजली सब्सिडी बंद; 200 कंपनियों ने दी थी चुनौती

Date:

आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

उद्योगों को प्रति यूनिट बिजली खर्च करने पर मिलने वाली एक रुपये सब्सिडी के मामले में हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के सब्सिडी खत्म करने के निर्णय के पक्ष में फैसला दिया है। सरकार ने उद्योगों को एक रुपये मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ 200 औद्योगिक कंपनियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी।

न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने मंगलवार को उद्योगों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। सरकार ने 3 मार्च 2024 को सब्सिडी खत्म करने को लेकर अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के तहत बड़े उद्योगों को मिलने वाली एक रुपये की सब्सिडी को वापस लेने का निर्णय ले लिया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ 200 औद्योगिक कंपनियां हाईकोर्ट पहुंचीं थीं। उद्योगों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत में दलीलें दीं कि हिमाचल प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग की मंजूरी लिए बिना राज्य सरकार ऐसी सूचना जारी नहीं कर सकती। सरकार साल में एक बार ही टैरिफ में संशोधन कर सकती है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बीच ही यह सूचना जारी कर दी।

उन्होंने दलीलों में कहा कि हिमाचल प्रदेश का टैरिफ पंजाब से भी ज्यादा है। सरकार अगर सब्सिडी देगी तो उद्योग आएंगे।वहीं, प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड की ओर से दलीलें दी गईं कि सरकार ने टैरिफ में कोई नया संशोधन नहीं किया है। सिर्फ उद्योगों को सरकार की ओर से मिलने वाली एक रुपये की सब्सिडी को बंद किया है। उद्योगों का विवाद जारी किए गए बिलों से है। इसके लिए उद्योगों को उपभोक्ता फार्म में जाना चाहिए। सरकार ने रेगुलेटरी कमीशन को सब्सिडी वापस लेने को लेकर सूचना दे दी थी। सूचना के बाद ही कमीशन ने सब्सिडी को वापस लेने का फैसला लिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं?

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच...

हिमाचल में अवैध कब्जे करने वाले 1.60 लाख परिवार नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

हिमाचल में अवैध कब्जे करने वाले 1.60 लाख परिवार...

स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत और सिसकती संवेदनाएं

स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत और सिसकती संवेदनाएं राजेश रढाईक प्रधान...