50,000 लीटर क्षमता का दुग्ध प्रसंस्करण सयंत्र शुरू,सीएम ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाने का दिया भरोसा

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला जिला के रामपुर में 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता के दत्तनगर दुग्ध प्रसंस्करण सयंत्र का उद्घाटन किया। इस माैके पर कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सीएम सुक्खू ने आगामी बजट में दूध के खरीद मूल्य बढ़ोतरी का भरोसा दिया। दुग्ध प्रसंस्करण सयंत्र में अब पहले से ज्यादा पशुपालक दूध बेच सकेंगे।
यहां अभी तक 20 हजार लीटर क्षमता का मिल्क प्लांट था। अब यहां 50 हजार लीटर की क्षमता का प्लांट शुरू हो गया है। इससे यहां डेढ़ लाख लीटर दूध प्रतिदिन प्रोसेस करने की क्षमता हो जाएगी। इन दिनों सर्दियों का मौसम होने से प्रति दिन 85 हजार लीटर दूध पहुंच रहा है। प्लांट करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। प्लांट में पहली बार फ्लेवर वाला दूध भी तैयार किया जाएगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा प्लांट है।

इन जिलों को होगा फायदा

चार जिलों शिमला, मंडी, कुल्लू और किन्नौर के लिए वर्ष 2012 में यहां 20,000 लीटर की क्षमता वाला मिल्क प्लांट स्थापित किया गया था। रोज क्षेत्र के पशुपालकों से 70,000 लीटर दूध एकत्रित करके प्रोसेस किया जाता था। मिल्क प्लांट की क्षमता बढ़ने से पशुपालकों को फायदा होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निकट भविष्य में हां दूध से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को तैयार करने की भी योजना है। इस मिल्क प्लांट से शिमला जिला के कोटगढ ,कुमारसैन, सैंज, जिला कुल्लू के सिराज क्षेत्र, आनी, निरमंड, मंडी जिला के करसोग क्षेत्र और जिला किन्नौर के पशुपालकों को फायदा होगा।

पदम पैलेस भी गए सीएम सुक्खू

इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पदम पैलेस भी गए। इस दाैरान मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी माैजूद रहे। सीएम ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने लिखा,’आज रामपुर में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जी द्वारा पदम पैलेस में किए गए आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

हमने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए: सीएम

सीएम ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने भ्रष्टाचार के चारों दरवाजे बंद किए।हमारी सरकार में शराब ठेकों की एक ही नीलामी पर 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। मिल्क सेस के रूप में 120 करोड़ रुपये कमाए हैं। प्राकृतिक खेती सेस भी लिया जाएगा। जनता की संपदा को लुटने नहीं दिया जाएगा।

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