आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गत वित्त वर्ष के 4,153 पात्रों को अभी तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। इस वित्त वर्ष में 79,652 नए घर बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 20,262 को अभी तक पहली किस्त नहीं मिली है। इससे राज्य में गरीब परिवारों का अपना आशियाना बनाने का सपना अधूरा है। हिमाचल में वित्त वर्ष 2023-24 में 13,316 आवास बनाने का लक्ष्य था।इनमें से 13,037 पंजीकृत हुए थे और 12,954 को जियो टैग से पंजीकृत किया था। इनमें से 12,952 को जियो टैग से स्वीकृति दी गई और 12,846 के खाते में वेरिफिकेशन भी कर ली गई। अब तक गत वित्त वर्ष के 12,585 लाभार्थियों को पहली और 8,432 पात्रों को दूसरी किस्त जारी हुई है। 4,153 लाभार्थियों के घर बनाने के लिए दूसरी किस्त के इंतजार में हैं। प्रधानमंत्री ने हिमाचल को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 79,652 मकान बनाने का लक्ष्य दिया था।
पात्रों का घर के लिए हुआ पंजीकरण
इस वर्ष के लिए मिले लक्ष्य के अनुसार 69,173 पात्रों ने घरों के लिए पंजीकरण करवाया। इसमें से 48,278 को पहली किस्त जारी हो गई है। 20,262 लोगों को अभी भी पहली किस्त का इंतजार है। गत वित्त वर्ष में 12,952 को पहली किस्त मिली। 4,153 की दूसरी और 9,627 को तीसरी किस्त जारी नहीं हुई है।
नहीं मिला बजट
विभाग का कहना है कि केंद्र से हिमाचल प्रदेश को राशि जारी होनी है। जैसे ही केंद्र बजट का प्रावधान होगा, लाभार्थियों को राशि जारी कर दी जाएगी। 2023-24 में 3986 ने घर बनाए। इनको एक लाख 50 हजार रुपये की राशि मिली। वित्त वर्ष 2024-25 के लक्ष्य के अनुसार प्रदेश में महज दो पात्र लोगों के मकान बने हैं।


