PWD ने केंद्र से मांगी 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना का सर्वे पूरा करने को पीडब्ल्यूडी ने 15 अतिरिक्त दिन की मोहलत मांगी है। 30 नवंबर तक ट्राइबल एरिया में सर्वे पूरा होने की संभावना है। दरअसल, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 15 नवंबर तक सर्वे पूरा करने के आदेश सभी राज्यों को दिए हैं, लेकिन दिवाली के दौरान अवकाश और ट्राइबल में दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बनाने में लग रही देरी को देखते हुए विभाग ने सर्वे में 15 अतिरिक्त दिन लगने की संभावना जताई है। पीडब्ल्यूडी 30 नवंबर तक सर्वे पूरा करता है, तो केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय इस सर्वे पर आगामी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर प्रक्रिया को शुरू करेगा। हालांकि दिसंबर में ही इन इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना रहेगी।
अप्रैल में ज्यादातर इलाके बहाल हो पाएंगे। संभावना अब यह भी बन रही है कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण पर टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य बर्फबारी के बाद ही शुरू हो पाएं। ऐसे में पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में हिमाचल के सभी 700 गांव तक पहुंच बनाने में पीडब्ल्यूडी को आगमी छह महीने लग सकते हैं। पीडब्ल्यूडी के लिए सबसे बड़ा संकट पहले से फंसे कामों को समय पर शुरू करने का भी है।
बर्फबारी से पहले पूरा करेंगे सर्वेक्षण
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता एनपी सिंह ने बताया कि पीएमजीएसवाई के जो भी काम फंसे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के लिए विभाग सर्वेक्षण को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि तय समय में सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी का प्रयास है कि बर्फबारी से पहले पीएमजीएसवाई की तैयारी पूरी कर ली जाए।
हिमाचल में फंसे 13 टेंडर
पीएमजीएसवाई के पहले से जारी प्रोजेक्ट के 13 टेंडर अभी तक अवार्ड नहीं हो पाए हैं। करीब 162 करोड़ के ये टेंडर कांगड़ा, शिमला और हमीरपुर जोन में फंसे हुए हैं। टेंडर आबंटन के लिए 45 दिन का समय तय किया गया है। इनमें कांगड़ा में 60 करोड के चार सडक़ के टेंडर व15 करोड़ के छह पुल शामिल हैं। इसके साथ ही शिमला में 70 करोड़ रुपए के काम अवार्ड नहीं हो पाए हैं। इनमें छह सडक़ और पांच पुल के प्रोजेक्ट हैं, जबकि हमीरपुर में 32 करोड़ के काम फंसे हुए हैं। इनमें तीन प्रोजेक्ट शामिल हैं।


