हिमाचल प्रदेश सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के प्रदेशाध्यक्ष एवं राजपूत महासभा के प्रदेश महामंत्री केएस जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन से सामान्य वर्ग के युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा। मंडी में पत्रकार वार्ता करते हुए मंच के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इस निर्णय ने सामान्य वर्ग के लोगों विशेषकर युवाओं अपने आप को हर तरह से सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने अपनी मांगों का उल्लेख करते हुए बताया कि सामान्य वर्ग के सात प्रतिशत बीपीएल कोटे को 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस के कोटे में मर्ज न करके, इसे एससी/एसटी की तर्ज पर तुरंत बहाल किया जाए।
इसके अलावा 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस के कोटे की पांच एकड़ भूमि होने की शर्त को चाहे वह बंजर ही हो एवं अन्य जटिल शर्तों को हटाना ताकि पात्र लोग इससे लाभांवित हो सके, बाहरी राज्यों के लोगों को सामान्य वर्ग के कोटे में नौकरियां न देने के लिए एससी/एसटी की तर्ज पर बोनाफाइड हिमाचली की शर्त लगाना, जातिगत आरक्षण में क्रीमी लेयर को बाहर करके इसे जाति की बजाए इसे पूर्ण रूप से आर्थिक आधार पर करवाना, एससी/एसटी एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए इसकी जटिल धाराओं को समाप्त करके सामान्य वर्ग के न्याय के प्रति मौलिक अधिकारों को बहाल करवाना, उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य व परीक्षा फीस, स्कालरशिप व प्रोस्पेक्टस की कीमत आदि में समानता लाना, प्रशासनिक व सशस्त्र पुलिस आदि की भर्तियों में जाति के आधार पर मैरिट, उम्र, कद तथा अन्य शारीरिक छूट को समाप्त किया जाए। इस अवसर पर रमेश राणा, अखिलेश सिपहिया, घनश्याम ठाकुर, दर्शन कालिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर सिंह गुलेरिया, रमेश मेहता, डीके चंदेल, गुरमीत सिंह, नंदलाल ठाकुर, राजन शर्मा, निशांत गौतम, रिषभ राणा, अदालत सिंह, सिद्धार्थ सेन व हेम सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप मूर्ति स्थापित नहीं की, तो धरना
मंच ने प्रशासन को चेताया कि जिला प्रशासन द्वारा महाराणा प्रताप की भव्य मूर्ति को उचित स्थान पर शीघ्र स्थापित नहीं करता है तो इसके विरोध में मंच चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने बताया कि डीसी मंडी को उनके आश्वासन के अनुरूप इसे 16 दिसंबर तक उचित स्थान पर स्थापित करने का आग्रह किया। अन्यथा इस अवधि के बाद उनका संगठन जिला मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठने के लिए विवश होगा।


