कछुआ गति से कपालमोचन मेला की तैयारी: गंदगी का अंबार, शौचालय सिर्फ ‘खानापूर्ति’

Date:

🐌 कछुआ गति से कपालमोचन मेला की तैयारी: गंदगी का अंबार, शौचालय सिर्फ ‘खानापूर्ति’
प्रीति सैनी यमुनानगर
कपालमोचन (यमुनानगर)। हरियाणा के यमुनानगर जिले में आयोजित होने वाला पांच दिवसीय राज्यस्तरीय कपालमोचन मेला 1 नवंबर से शुरू होने जा रहा है, लेकिन तैयारियों की धीमी गति और प्रशासनिक लापरवाही ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी है। एक ओर जहां मेले में 7 से 8 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर मेला क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और सड़कों की मरम्मत भी ठीक से नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों के सारे दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।
🗑️ गंदगी से होकर गुजरेंगे श्रद्धालु
मेला शुरू होने में महज एक दिन बाकी है, लेकिन सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, जबकि मेला परिसर में कई स्थानों पर अभी भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। मेला परिसर में जहां दुकानें लगनी हैं, वहां न तो अभी तक सफाई हुई है और न ही मिट्टी को समतल किया गया है। टेंट लगाने वाले कर्मचारियों ने बताया कि जब तक ठेकेदार सफाई नहीं करवाएगा, तब तक वे दुकानों के टेंट नहीं लगा पाएंगे।
🚽 8 लाख श्रद्धालुओं के लिए आधे फीट के गड्ढे वाले शौचालय!
श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी चिंता अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था है। राजकीय स्कूल अहड़वाला के पास बन रहे शौचालयों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि इन अस्थायी शौचालयों के नीचे मात्र चार इंच चौड़ा और आधे से एक फीट का गड्ढा बनाया गया है। दुकानदारों (जयपाल, रमेश) का कहना है कि जहां लाखों श्रद्धालु आएंगे, वहां इस तरह के आधे-अधूरे शौचालय बनाना केवल मजाक है। भीड़ से बचने के लिए जो श्रद्धालु पहले ही कपालमोचन पहुंचने लगे हैं, वे शौचालय न होने से खासे परेशान हैं।
🚧 सड़कें टूटी, पानी का प्रबंध नदारद
मेला क्षेत्र में सड़कों का हाल भी बुरा है।
* मछरौली रोड पर श्री गुरु रविदास मंदिर के सामने से गुरुद्वारा साहिब की तरफ जाने वाली सड़क टूटी पड़ी है और टाइलें उखड़ी हुई हैं।
* मेला की एंट्री पर शहीद उधम सिंह की प्रतिमा के सामने सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ रेत ही रेत बिखेर कर खानापूर्ति कर दी गई है।
* सूरजकुंड सरोवर को जाने वाली रास्ते पर भी जगह ऊंची-नीची है।
इसके अलावा, मेला क्षेत्र में पीने के पानी का भी अभी तक पर्याप्त प्रबंध नहीं हो पाया है। ज्यादातर लगाए गए नल बंद पड़े हैं, और जो चल रहे हैं उनके आस-पास गंदगी का आलम है।
🗣️ बीडीपीओ ने दिए जांच के निर्देश
इस संबंध में बीडीपीओ आस्था गर्ग ने बताया कि 30 अक्टूबर तक सभी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं शौचालयों में कमी है, तो उसकी भी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टेंडर की शर्त अनुसार यदि काम नहीं मिला तो संबंधित ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मौके की हकीकत प्रशासनिक दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में केशव नगर द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन सम्पन्न

हिंदू समाज की संगठन शक्ति, सांस्कृतिक चेतना और धर्म-सुरक्षा...

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

धर्मशाला में पशुपालन विभाग के नए कार्यालय भवन का...

युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर

युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर राज्य सरकार...