आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की लिफ्ट के पास आजीविका भवन में चल रही तिब्बती मार्केट फैशन और वैरायटी के लिए मशहूर है। शहर के युवाओं के अलावा शिमला आने वाले हजारों सैलानी भी कपड़ों के लेटेस्ट फैशन का सामान इस मार्केट में खरीदने के लिए जरूर पहुंचते हैं। छह मंजिला आजीविका भवन में कुल 229 दुकानें हैं। इनमें दो मंजिलों की 170 से ज्यादा दुकानें तिब्बती कारोबारियों की हैं। इनमें 80 फीसदी से ज्यादा कारोबारियों की कपड़ों की दुकानें हैं। बदलते मौसम और फैशन के साथ इनका स्टॉक बदलता रहता है। इंडियन और वेस्टर्न फैशन की जींस, टी शर्ट, शर्ट, जैकेट, स्वेटर, लोअर आदि की बिक्री सबसे ज्यादा है।
शहर के कॉलेजों, स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर युवाओं की यह पसंदीदा मार्केट है। इस मार्केट की खास बात यह है कि यहां लेटेस्ट फैशन के अलावा कई वैरायटी के कपड़े आसानी से मिल जाते हैं। आजीविका भवन की ऊपरी दो मंजिलों में स्थानीय तहबाजारियों को भी दुकानें दी गई हैं। ये तहबाजारी पहले शहर के अलग-अलग बाजारों में सामान बेचते थे। अब आजीविका भवन की पक्की दुकानें इन्हें दी गई हैं। इनके पास शहर के बाजारों से सस्ता सामान उपलब्ध है। हालांकि नई जगह पर शिफ्ट हुई इस मार्केट ने अपने हजारों ग्राहक भी खो दिए हैं। कारोबारियों के अनुसार अब सिर्फ पक्के ग्राहक ही यहां पहुंच रहे हैं।
शहर के कॉलेजों, स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर युवाओं की यह पसंदीदा मार्केट है। इस मार्केट की खास बात यह है कि यहां लेटेस्ट फैशन के अलावा कई वैरायटी के कपड़े आसानी से मिल जाते हैं। आजीविका भवन की ऊपरी दो मंजिलों में स्थानीय तहबाजारियों को भी दुकानें दी गई हैं। ये तहबाजारी पहले शहर के अलग-अलग बाजारों में सामान बेचते थे। अब आजीविका भवन की पक्की दुकानें इन्हें दी गई हैं। इनके पास शहर के बाजारों से सस्ता सामान उपलब्ध है। हालांकि नई जगह पर शिफ्ट हुई इस मार्केट ने अपने हजारों ग्राहक भी खो दिए हैं। कारोबारियों के अनुसार अब सिर्फ पक्के ग्राहक ही यहां पहुंच रहे हैं।
मार्केट के लिए नहीं है अलग रास्ता
मार्केट नई है, लोगों को इसका ज्यादा पता नहीं है इसलिए कम ग्राहक ही आ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों को दी पांचवीं मंजिल के लिए बाहर से अलग रास्ता भी नहीं है। इसलिए यहां ग्राहक नहीं पहुंच पाते। कई बार यह मांग उठा चुके हैं। निगम को इस बारे में सोचना चाहिए।
सब्जी मंडी का रास्ता सुधरे तो चमके मार्केट
आजीविका भवन में कारोबार अभी मंदा है। इसका बड़ा कारण सब्जी मंडी सड़क की खस्ताहालत भी है। यह सड़क सुधरे तो यहां ग्राहक बढ़ सकते हैं। कई बार यहां सीवरेज लाइनें टूटी रहती हैं। हर साल किराया बढ़ाना भी ठीक नहीं है।
नई मार्केट को प्रमोट करने की जरूरत
नए भवन में शिफ्ट की गई मार्केट को प्रमोट करने की जरूरत है। भवन के बाहर मार्केट का नाम लिखना चाहिए ताकि लिफ्ट के पास गाड़ियों से उतरते ही सैलानियों को इसका पता चल सके। टूरिस्ट सेंटर में भी पंफ्लेट आदि से तिब्बती मार्केट की जानकारी दी जाए।


