आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेल परियोजना में 3.2 किलोमीटर लंबे नए डायवर्जन ट्रैक पर 4 फरवरी से ट्रेन उतारी जाएगी। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शनिवार को इस नई लाइन का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ट्रेन संचालन की अनुमति दी जाएगी। डायवर्जन ट्रैक को भानुपल्ली में चैनेज नंबर माइनस 2600 से जमा 600 तक ट्रैक बिछाया गया है।पुरानी लाइन को डाइवर्ट कर यह नई लाइन बिछाई गई है, ताकि बिलासपुर की ओर भानुपल्ली से आगे के निर्माण कार्य बिना रुकावट के पूरे हो सकें। रेलवे सुरक्षा आयुक्त शनिवार को 3.2 किलोमीटर डायवर्जन ट्रैक का गहन निरीक्षण करेंगे। इस दौरान उनके साथ आरवीएनएल के सभी अधिकारी जो इस परियोजना में काम कर रहे हैं, मौजूद रहेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान ट्रैक की संरचनात्मक मजबूती, सिग्नल व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद अनुमति मिलने पर ट्रेनें इस रूट पर उतारी जाएंगी।
इस डायवर्जन ट्रैक का निर्माण भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना के तहत कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। डायवर्सन के बाद इस ट्रैक से आनंदपुर से नंगल रनिंग लाइन पर चलने वाली ट्रेनें डायवर्ट की जाएंगी। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना के लिए इस डायवर्सन ट्रैक का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे निर्माण कार्य तेजी से हो सकेगा और रेलवे परिचालन भी सुचारू बना रहेगा।
बताते चलें कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन परियोजना का पहला और मुख्य जंक्शन भानुपल्ली है। यहीं से बिलासपुर की ओर रेल लाइन शुरू होगी। इसी लाइन के पहले चरण में 3.2 किलोमीटर डायवर्जन ट्रैक का निर्माण कार्य रेल विकास निगम ने पूरा कर लिया है। यहां पर रेल लाइन के विद्युतीकरण से लेकर सिगनल तक का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद अब रेलवे सुरक्षा के आयुक्त इसके निरीक्षण के लिए शनिवार को भानुपल्ली आएंगे। आयुक्त के निरीक्षण के बाद इस ट्रैक पर ट्रेन उतारने की अनुमति मिलेगी।
वहीं, रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि 4 फरवरी को भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के डायवर्जन ट्रैक पर ट्रेन उतारी जाएगी। इसके बाद आनंदपुर से नंगल रनिंग लाइन पर चलने वाली ट्रेनें इसी ट्रैक से डायवर्ट होकर निकलेंगी।


