HRTC बस में अब सभी को लेना होगा टिकट

Date:

आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला

पथ परिवहन निगम की बस में सफर करने वाले हरेक व्यक्ति का टिकट कटेगा। सभी व्यक्तियों को यात्रा के दौरान टिकट कटवाना होगा फिर चाहे वो निशुल्क यात्रा वाली श्रेणी का ही व्यक्ति क्यों न हो। उसका भी अब बस में टिकट कटेगा। इन लोगों को टिकटिंग मशीन से जीरो पेमेंट वाला टिकट निकलेगा। उन्हें पैसे नहीं देने होंगे। निगम प्रबंधन की ओर से इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी किए गए हैं। निगम की बसों में रोजाना किस श्रेणी के कितने लोग सफर करते हैं, कितना खर्चा प्रतिदिन हो रहा है इसका आंकलन करने के लिए निगम ने यह निर्णय लिया है।

शनिवार से ही इस पर काम शुरू हो गया है। स्कूली छात्र, पुलिस कर्मचारी, दिव्यांग, थैलिसिमिया रोगी, कैंसर रोगी, मीडिया पर्सन सहित अन्य श्रेणियां जिन्हें निशुल्क सफर का प्रावधान है उनका पता लगाया जाएगा कि वह किस संख्या में सफर करते हैं। रोजाना बसों में इन श्रेणियों के लोग कितना सफर करते हैं इसका पता चल सकेगा जिसकी अभी तक निगम को कोई जानकारी नहीं रहती। बसों में तैनात परिचालक उन्हें टिकट देंगे। टिकट में सफर की कुल दूरी कितनी हैं। वहां का पूरा किराया कितना बनता है वह मैंशन किया जाएगा। इसके साथ ही डिस्काउंट लिखकर टिकट में कुल राशि जीरो दिखाई जाएगी। यह टिकट लेना अनिवार्य होगा। यदि बस की चैकिंग होती है और निरीक्षण के दौरान टिकट नहीं मिलता है तो परिचालक व यात्रा करने वाले दोनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। परिचालकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। निगम प्रबंधन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि टिकटिंग मशीन में पूरा डाटा फीड करें।

पुलिस के जवान पहले सफर के दौरान पुलिस आई कार्ड कहते थे लेकिन अब उन्हें अपने आई कार्ड का नंबर भी बताना होगा। यह नंबर मशीन में एंटर किया जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि कितने जवान रोजाना सफर कर रहे हैं। दरअसल निगम यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि सामाजिक दायित्वों से कितना अतिरिक्त बोझ निगम पर पड़ रहा है। बताया जाता है कि महिलाओं को जो 50 फीसदी कम किराए की रियायत सरकार दे रही है उसकी एवज में एचआरटीसी को 256 करोड़ रूपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह नुकसान सालाना है वहीं पुलिस कर्मचारियों को जो छूट दी जा रही है उससे निगम को 25 करोड़ रूपए तक का सालाना नुकसान हो रहा है वहीं रियायती पास व कॉर्ड पर जो सुविधा दी जा रही है उससे दो करोड़ रूपए तक का नुकसान हो रहा है। ऐसे में अब निगम इन रियायतों को देखना चाहता है कि आखिर उसे कुल कितना नुकसान हो रहा है और कितने लोग ऐसी श्रेणियों के हैं जो निशुल्क यात्रा का लाभ उठा रहे हैं। इनका सर्वे होने के बाद निगम इसके असल आंकड़े सामने रख सकेगा क्योंकि अभी तक वह भी अनुमानित आंकड़े ही दे रहा है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से यह आदेश सभी डीवीजनों को भेज दिए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में केशव नगर द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन सम्पन्न

हिंदू समाज की संगठन शक्ति, सांस्कृतिक चेतना और धर्म-सुरक्षा...

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

धर्मशाला में पशुपालन विभाग के नए कार्यालय भवन का...

युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर

युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर राज्य सरकार...